बिहार में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पर रोक, EBC आरक्षण के लिए Triple Test पूरा करना जरूरी

by Priya

पटना, 9 अक्टूबर 2026। बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों पर आरक्षण से जुड़ा कानूनी सवाल असर डाल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी EBC के लिए पंचायतों में आरक्षण लागू करने से पहले जरूरी Triple Test पूरा न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।

क्या होता है Triple Test?

Triple Test स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण को तय करने से जुड़ी तीन चरणों वाली जांच प्रक्रिया है। इसमें संबंधित वर्ग की आबादी का आंकड़ा, उसका राजनीतिक पिछड़ापन और आरक्षण की उचित सीमा का आकलन शामिल होता है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय निकायों में आरक्षण निर्धारित करने के लिए आवश्यक तथ्य और कानूनी आधार उपलब्ध हों।

बिहार में जांच की जिम्मेदारी किसे मिली?

रिपोर्ट के अनुसार इस प्रक्रिया के लिए ए.एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद आरक्षण से जुड़े निर्णयों और पंचायत चुनाव के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।

गांवों की राजनीति पर क्या होगा असर?

पंचायत चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व, विकास योजनाओं और प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम होते हैं। चुनाव प्रक्रिया में देरी से संभावित उम्मीदवारों, मौजूदा प्रतिनिधियों और ग्रामीण मतदाताओं की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

हालांकि चुनाव की नई तारीख या अंतिम कार्यक्रम के बारे में पुष्टि के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी होगा।

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