Patna, 18 September 2026: बिहार में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत बच्चों, महिलाओं और परिवारों को संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अररिया जिले में 2,811 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों और पौष्टिक व्यंजनों को शामिल किया गया।
स्थानीय भोजन के जरिए पोषण का संदेश
पोषण जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि संतुलित आहार के लिए महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दाल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री को भोजन में शामिल करके पोषण को बेहतर बनाया जा सकता है।
कई केंद्रों पर पौष्टिक खिचड़ी और स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी के माध्यम से पोषण संबंधी जानकारी दी गई।
बच्चों और महिलाओं पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्र इस तरह की जागरूकता गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण स्थानीय मंच के रूप में काम करते हैं।
कार्यक्रमों के माध्यम से परिवारों को भोजन की विविधता, स्वच्छता और बच्चों के विकास में पोषण की भूमिका के बारे में जानकारी दी जा रही है।
लगातार जागरूकता पर जोर
पोषण से जुड़े अभियानों का उद्देश्य केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित न रहकर परिवारों में रोजमर्रा के भोजन और स्वास्थ्य को लेकर व्यवहार में बदलाव लाना है।
बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के जरिए पोषण संबंधी संदेशों को ग्रामीण और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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