पटना, 24 जुलाई 2026: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा हेतु आज बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित सभी जिलों के ज़िलाधिकारी , पुलिस उप-महानिरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान स्थिति के प्रति सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाना तथा शांति-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समन्वय स्थापित करना था।
कुंदन कृष्णन ने छात्रों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और स्थिति को संवाद के माध्यम से संभालने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे बातचीत करें। उग्र रुख अपनाने के बजाय उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें।
पुलिस अधिकारी अंबेडकर हॉस्टलों और विभिन्न अंबेडकर स्टूडेंट फोरम्स में जाकर छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करें ताकि उनके बीच व्याप्त असंतोष और भ्रम को दूर किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और भारी फुटफॉल वाले स्थानों को चिह्नित किया जाए।
उपद्रवी और हिंसक तत्वों की पहचान के लिए पोस्टर/चित्र जारी किए जाएं। सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाए जा रहे भ्रामक और उत्तेजक कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखी जाए। निगरानी के लिए सीसीटीवी , वीडियोग्राफरों और सभी उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए।
किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग को अंतिम कदम के रूप में ही रखा जाए। प्राथमिकता शांतिपूर्ण बातचीत और नियंत्रण की होनी चाहिए।
डीजीपी विनय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र को एकीकृत होकर काम करने का निर्देश दिया। सभी डीएम और एसपी अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतें तथा सिविल प्रशासन और पुलिस के बीच निरंतर समन्वय स्थापित रखें।
कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए यह ध्यान रखा जाए कि निर्दोष छात्रों को कोई परेशानी न हो और स्थिति को परिपक्वता के साथ संभाला जाए। भ्रामक समाचारों और अफवाहों का खंडन तुरंत आधिकारिक सूचनाओं के माध्यम से किया जाए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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