चंडीगढ़, 05 नवंबर 2026: रामनगरी दीपोत्सव के उल्लास में सराबोर होने को तैयार है। सरयू तट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक दीपों की रोशनी और सांस्कृतिक आयोजनों की छटा बिखरेगी। मंदिरों की नगरी सज-धजकर दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। बृहस्पतिवार से पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज होगा और अयोध्या दीपों के साथ रामकथा लोक संस्कृति संगीत नृत्य और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी।
इस बार दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय संस्कृति की झलक भी दिखेगी। पांच देशों की रामलीला मंडलियां प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगी। वहीं विभिन्न राज्यों के कलाकार लोक परंपराओं वेशभूषा नृत्य व संगीत से सांस्कृतिक विविधता प्रस्तुत करेंगे।
अयोध्या की गलियों से लेकर प्रमुख आयोजन स्थलों तक उत्सव का रंग चढ़ने लगा है। दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाए जाने हैं। घाटों पर दीप बिछाए जा रहे हैं। सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस दिन राम की पैड़ी के घाट लाखों दीपों से जगमगाएंगे। दीप सजाने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व कर्मचारी जुटे हैं। बृहस्पतिवार से लेजर शो प्रोजेक्शन मैपिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन भी शुरू हो जाएगा।
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