लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर लोक भवन में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना’ की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी 75 जिलों में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल और रोजगार क्षेत्र’ विकसित किए जाएंगे।
पहले चरण में, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतम बुद्ध नगर में इन केंद्रों को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद इस योजना का विस्तार राज्य के सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर हर जिले तक किया जाएगा। इन केंद्रों में युवाओं का पंजीकरण, उनकी रुचि और क्षमताओं के आधार पर कौशल प्रशिक्षण, और रोजगार की व्यवस्था – सब कुछ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा। विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को उस देश की भाषा और रोजगार के अवसरों से जुड़ने के लिए जरूरी कौशल (स्किल्स) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले चरण में यह योजना पांच जिलों में शुरू की गई है। सभी 18 मंडल मुख्यालयों के लिए फंड की व्यवस्था कर दी गई है। जमीन उपलब्ध होते ही केंद्र बना दिए जाएंगे। गौतम बुद्ध नगर में, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) इस केंद्र को विकसित कर रहा है और टाटा जैसी संस्थाएं भी इस पहल से जुड़ गई हैं। गोरखपुर में, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) भी इस पहल का हिस्सा बन गया है।”
“अगर कोई युवा हाई स्कूल पास है और काम करना चाहता है, तो उसका केंद्र में पंजीकरण किया जाएगा। उसे उसकी रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और फिर किसी संस्थान, फैक्ट्री या अन्य क्षेत्र में काम दिलाया जाएगा। अगर नर्सिंग का प्रशिक्षण लेने वाला कोई युवा जापान या जर्मनी जाना चाहता है, तो उसे वहां की भाषा सिखाई जाएगी। उसे वहां की जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षित किया जाएगा और संबंधित दूतावास रोजगार दिलाने में मदद करेगा। इन ‘रोजगार क्षेत्रों’ (एम्प्लॉयमेंट ज़ोन) में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि काम की तलाश कर रहे अधिक उम्र के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपीईटी (CIPET), एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा जैसी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा, “युवाओं को इन संस्थाओं के अनुभव और तकनीक का लाभ मिलेगा।” उन्होंने लखनऊ में वाहन निर्माण और अशोक लीलैंड द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) में ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्यवर्धन) से किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। दूध से छाछ, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद बनाकर अधिक कमाई की जा सकती है। इसी तरह, फलों और सब्जियों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से भी बेहतर आमदनी हो सकती है।”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जॉब कार्ड पाने वाले युवाओं को बधाई दी। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की बिना ब्याज और बिना गारंटी वाली सहायता के बारे में भी बताया।
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