लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश ने लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश GCC इनोवेशन समिट-2026’ में एक बड़ी पहल की है। इसका उद्देश्य राज्य को ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स’ (GCCs) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
इस सम्मेलन के दौरान, GCC कंपनियों और प्रतिभा विकास भागीदारों के साथ 15 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, पांच निवेशकों को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (इरादा पत्र) जारी किए गए, और 13 प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ समझौते किए गए। इन साझेदारियों से राज्य में निवेश, नवाचार, कौशल विकास और उच्च-मूल्य वाले रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के पूर्व छात्र संघ (एलुमनाई एसोसिएशन) ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) और HCL टेक के सहयोग से होटल ‘द सेंट्रम’ में इस सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं में निवेश के अवसरों पर चर्चा की।
सम्मेलन में, सरकार ने हैवेल्स इंडिया लिमिटेड, अमेरिप्राईज इंडिया LLP, मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, LG सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और WSP कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ (आश्वासन पत्र) जारी किए। WSP कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मामले में, यूपी सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री से मंजूरी और औपचारिक पत्र जारी होना अभी बाकी है।
इस सम्मेलन में EY GDS, AML राइटसोर्स, कंप्यूटासेंटर, मेटलाइफ, DSV, DAMAC, अल्ट्रिस्ट और स्मार्टवर्क्स जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ समझौते किए गए। इसका उद्देश्य राज्य में नए ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स’ स्थापित करना और मौजूदा कामकाज का विस्तार करना है। स्मार्टवर्क्स लखनऊ में दो समर्पित कैंपस स्थापित कर रहा है।
इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए, पेटीएम, अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS), बार्कलेज, IBM और नौकरी (Naukri) ने प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों में सहयोग के लिए साझेदारी की है। इस पहल के तहत पेटीएम ने दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सम्मेलन के दौरान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर, IIT रुड़की, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ, IIT (BHU) वाराणसी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, शिव नादर विश्वविद्यालय, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) इलाहाबाद, लखनऊ विश्वविद्यालय, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) इलाहाबाद, IIIT लखनऊ, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इन साझेदारियों का लक्ष्य शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना, छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना, तथा अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन में सात विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए निवेश स्थलों के चयन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित संचालन, उत्पाद-केंद्रित नवाचार, स्टार्टअप्स के साथ सहयोग, विश्वविद्यालयों की भूमिका और भविष्य के कौशलों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने वैश्विक कंपनियों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिभा विकसित करने, और भारत में उत्पाद विकास तथा अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए।
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