काराकस, 25 अक्टूबर 2026: वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो करीब 10 महीने विदेश में रहने के बाद रविवार को अपने देश लौट आईं। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश में लोकतंत्र और राष्ट्रपति चुनाव की तारीख को लेकर बहस तेज है।
मचाडो ने सोशल मीडिया पर अपनी वापसी की जानकारी देते हुए लिखा, “मैं यहां हूं। आपके साथ।” उनके समर्थकों ने लारा राज्य में उनका स्वागत किया। विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज ने भी उनकी वापसी की पुष्टि की।
क्यों देश छोड़कर गई थीं मचाडो?
मचाडो दिसंबर 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार लेने के लिए नॉर्वे गई थीं। इससे पहले वह वेनेजुएला में करीब 11 महीने तक छिपकर रह रही थीं। जनवरी 2025 में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ प्रदर्शन के बाद उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था।
मचाडो लंबे समय से मादुरो सरकार की आलोचक रही हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इसके बाद उन्होंने एडमंडो गोंजालेज का समर्थन किया। विपक्ष का दावा था कि चुनाव में गोंजालेज को स्पष्ट बढ़त मिली थी, जबकि सरकारी चुनाव निकाय ने मादुरो को विजेता घोषित किया।
राष्ट्रपति चुनाव कराने की मांग
जनवरी 2026 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो सत्ता से हट गए। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, उनके कार्यकाल और नए राष्ट्रपति चुनाव की तारीख को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मचाडो और उनके समर्थक सरकार से स्वतंत्र और निष्पक्ष राष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ने पहले देश की अर्थव्यवस्था और संस्थाओं को स्थिर करने पर जोर दिया है।
मचाडो की वापसी को विपक्ष के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उनकी वापसी से चुनाव कब होंगे और देश की राजनीतिक व्यवस्था में क्या बदलाव आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।