लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैसरबाग कोर्ट के पास रविवार को नगर निगम ने वकीलों के चैंबरों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब 100 चैंबर तोड़े गए, जबकि नगर निगम ने कुल 211 चैंबरों को चिह्नित किया था। कार्रवाई के दौरान वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कुछ अधिवक्ता बुलडोजर के सामने लेट गए। स्थिति बिगड़ने पर अभियान रोकना पड़ा।
High Court के आदेश पर हुई कार्रवाई
नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ रानी लक्ष्मीबाई मार्ग और रेजीडेंसी क्रॉसिंग के आसपास पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी जमीन, नालों और फुटपाथ पर बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में लखनऊ विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे।
वकीलों ने Alternative Accommodation की मांग की
चैंबर तोड़े जाने का विरोध कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि वे कई वर्षों से इन जगहों पर बैठकर वकालत कर रहे हैं। उनका तर्क था कि चैंबर हटाने से पहले उन्हें काम करने के लिए वैकल्पिक जगह दी जानी चाहिए। विरोध के दौरान कुछ वकील बुलडोजर पर चढ़ गए और कुछ उसके सामने लेट गए।
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आपत्तियां मिलने पर कुछ चैंबरों को कार्रवाई से अलग भी रखा गया।
मामला फिर पहुंचा High Court
रविवार शाम करीब 4:45 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने याचिका को इसी विषय से जुड़ी पहले से लंबित जनहित याचिका के साथ जोड़ने और सोमवार को पेश करने का निर्देश दिया।
फिलहाल, बाकी चैंबरों पर कार्रवाई और वकीलों को वैकल्पिक जगह देने की मांग को लेकर विवाद जारी है।