Meerut Blue Drum Case: फैसले के बाद भी घर पर निगरानी

by Priya
मेरठ हत्याकांड

मेरठ, 25 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में फैसला आने के बाद भी उस किराये के मकान पर निगरानी जारी है, जहां सौरभ राजपूत का शव सीमेंट से भरे नीले ड्रम में मिला था। यह मकान मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में था, जहां सौरभ अपनी पत्नी मुस्कान रस्तोगी के साथ रहते थे।

The Indian Express की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, फैसले के बाद भी मकान के मालिक को कुछ समय तक घर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब पुलिस को मकान के भीतर ड्रम में छिपाया गया शव मिला था।

क्या था मामला?

पुलिस जांच में सामने आया था कि सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव को छिपाने के लिए ड्रम का इस्तेमाल किया गया। मामले में मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला के नाम सामने आए थे। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी।

फैसले के बाद भी क्यों चर्चा में है मामला?

मामले में अदालत की कार्रवाई के बाद भी घटनास्थल और उससे जुड़े साक्ष्यों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, मकान पर निगरानी की अवधि और उसे मालिक को सौंपे जाने की स्थिति के बारे में ताजा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

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