रेवाड़ी, 10 अक्टूबर 2026: रेवाड़ी जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। शहर के छोटे-बड़े रेस्टोरेंट और होटलों में पनीर की खपत को देखते हुए इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच रेवाड़ी के भूड़ला गांव में मिलावटी पनीर के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। कार्रवाई के दौरान 542 किलोग्राम मिलावटी पनीर से भरी दो पिकअप गाड़ियां जब्त की गईं।
अधिकारियों के अनुसार जब्त पनीर खराब हालत में था। जिसे जेसीबी की मदद से नष्ट कराया गया। जानकारी के अनुसार मेवात क्षेत्र से रेवाड़ी में पनीर की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि पाम ऑयल चूने और मिल्क पाउडर जैसे पदार्थों का इस्तेमाल कर असली पनीर जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा है। ऐसे उत्पाद को एनालॉग पनीर कहा जाता है।
एनालॉग पनीर और मिलावटी या खराब पनीर में अंतर है। निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया गया पनीर का विकल्प अपने आप में मिलावटी नहीं होता। लेकिन गलत तरीके से तैयार किए गए या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचना उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी हो सकती है।
रेवाड़ी में छोटे से लेकर बड़े रेस्टोरेंट और होटलों में पनीर से बने व्यंजनों की मांग रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाजार में सप्लाई होने वाले पनीर की गुणवत्ता की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से की जा रही है। यदि खराब या मानकों के विपरीत तैयार किया गया पनीर खाद्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचता है तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है।
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