लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Ground Breaking Ceremony यानी GBC 5.0 की तैयारियों और निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस आयोजन के तहत करीब 7,000 परियोजनाओं के माध्यम से ₹7.55 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की योजना है।
किन क्षेत्रों में निवेश की उम्मीद?
प्रस्तावित निवेश में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, टेक्सटाइल और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में करीब ₹4.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक, मध्य उत्तर प्रदेश में ₹80,000 करोड़ से ज्यादा और बुंदेलखंड में ₹60,000 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव बताए गए हैं। ये निवेश प्रस्ताव हैं; इन्हें पूरा हो चुका निवेश नहीं समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि परियोजनाओं के लिए जरूरी मंजूरियां, जमीन से जुड़ी औपचारिकताएं, बुनियादी ढांचे की व्यवस्था और अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं।
सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना है, ताकि औद्योगिक गतिविधियां बढ़ें और रोजगार के अवसर पैदा हों।
क्या आम लोगों को मिलेगा फायदा?
अगर प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित समय पर लागू होती हैं, तो निर्माण, परिवहन, औद्योगिक सेवाओं, तकनीकी काम और स्थानीय आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों में अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक रोजगार और निवेश का आकलन परियोजनाओं के लागू होने के बाद ही किया जा सकेगा।
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