Lucknow, 18 September 2026: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम का तेजी से विस्तार हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य में स्टार्टअप की संख्या 2017 से पहले के करीब 120 से बढ़कर अब 24 हजार से ज्यादा हो चुकी है।
यह बदलाव केवल लखनऊ और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों तक सीमित नहीं है। राज्य के सभी 75 जिलों में कम से कम एक स्टार्टअप सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।
फंडिंग और इनक्यूबेशन पर जोर
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग, इनक्यूबेशन और संस्थागत सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। IITs, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी इनोवेशन और उद्यमिता के इकोसिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
राज्य की Startup Policy 2026 के तहत भी नए उद्यमियों को सहायता देने और अलग-अलग उभरते क्षेत्रों में कारोबार विकसित करने पर फोकस किया गया है।
महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी
स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ने की बात सामने आई है। तकनीक, सेवाओं और अन्य नए क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की उपस्थिति उत्तर प्रदेश के बदलते entrepreneurial landscape का हिस्सा बन रही है।
भविष्य की तकनीकों पर नजर
राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम में केवल पारंपरिक कारोबार ही नहीं, बल्कि Quantum Computing, Space Technology, Drone Technology, Robotics और Green Hydrogen जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।
Startup Mission और नए नीति ढांचे के जरिए स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर से लेकर विस्तार तक सहायता देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या में हुई वृद्धि यह दिखाती है कि राज्य का युवा वर्ग पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता और innovation को भी करियर विकल्प के रूप में अपना रहा है।
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