सऊदी अरब पर हूती हमलों से बढ़ा तनाव, तेल की कीमतें चढ़ीं; Strait of Hormuz पर भी संकट

यमन में हूती और सऊदी बलों के बीच संघर्ष तेज होने से Red Sea और Gulf shipping routes पर दबाव बढ़ा है। Brent crude की कीमत $107 के पार पहुंच गई।

by Priya

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार और shipping routes पर भी दिखाई देने लगा है। यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी बलों के बीच संघर्ष तेज होने की खबरों के बीच Gulf और Red Sea क्षेत्र में समुद्री परिवहन को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को Brent crude की कीमत में तेज उछाल आया और यह $107 प्रति barrel के ऊपर पहुंच गई। अमेरिकी crude भी मजबूत हुआ। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा संबंध supply disruption की आशंकाओं से है।

Bab el-Mandeb और Strait of Hormuz दोनों वैश्विक energy supply के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते हैं। इनमें से किसी भी route पर लंबे समय तक व्यवधान होने पर shipping costs, insurance premiums और तेल की supply पर असर पड़ सकता है।

सऊदी अरब की East-West pipeline को भी drone attacks का सामना करना पड़ा है। यह pipeline Gulf के कुछ oil exports को alternative route उपलब्ध कराती है, इसलिए उस पर किसी भी तरह का दबाव बाजार के लिए चिंता बढ़ा सकता है।

Iran और Gulf countries के बीच maritime security को लेकर प्रस्तावित बातचीत के टलने से diplomatic uncertainty भी बढ़ी है।

भारत के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश अपनी crude oil जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए imports पर निर्भर है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो इसका असर fuel prices, inflation, transport costs और overall economy पर पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में shipping routes की सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति तेल बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।


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