लुधियाना, 17 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये की लागत वाले कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी, जिससे बुड्ढे नाले में कूड़ा-कचरा जाने से रोकने में मदद मिलेगी और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही यह प्लांट सीवरेज जाम होने की समस्या के समाधान और बुड्ढे नाले में प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा।
यह परियोजना 2.5 एकड़ में बनाई जा रही है और सितंबर 2027 तक इसके चालू होने की संभावना है। इस प्लांट में ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत डेयरी कॉम्प्लेक्स से प्रतिदिन पैदा होने वाले 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा और 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लांट प्रतिदिन लगभग पांच टन सीबीजी और जैविक बायो-खाद का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए पूरे राज्य में ऐसे और प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हैबोवाल, लुधियाना में 65 करोड़ रुपये की लागत वाले कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी, जो सितंबर 2027 तक चालू हो जाएगा। ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत यह प्लांट प्रतिदिन पशुओं के 300 टन गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करेगा।
यह कूड़े-कचरे को बुड्ढे नाले में जाने से रोकेगा, सीवरेज जाम होने की समस्या को हल करने में मदद करेगा और इससे 435 डेयरी मालिकों को सीधा लाभ होगा। पंजाब के जल स्रोतों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी सरकार की जनहितैषी सोच हमारे किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी रहेगी।”
हैबोवाल में सीबीजी प्लांट की आधारशिला रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि यहां कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की आधारशिला रखी जा रही है। मैं इस परियोजना को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं।
यह पहल बुड्ढे नाले के पुनर्जीवन कार्यक्रम के तहत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना 65 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी और सितंबर 2027 तक इसके चालू होने की संभावना है।”
इस परियोजना के क्रियान्वयन में पंजाब सरकार की भूमिका को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 2.5 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई गई है और हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन पैदा होने वाले लगभग 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस और निस्तारित किया जाएगा।
यह परियोजना बुड्ढे नाले में बिना उपचारित गोबर और कचरे को जाने से रोकेगी, जिससे जल प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण में सुधार आएगा। यह परियोजना डेयरी कॉम्प्लेक्स और इसके आसपास स्वच्छता में भी बड़े स्तर पर सुधार करेगी।”
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