चंडीगढ़, 17 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) रोपड़ के साथ साझेदारी करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पुलिसिंग सिस्टम लागू करने के लिए अहम कदम उठाया है। इस पहल का मकसद अपराधियों का एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करना और पंजाब के साथ-साथ राज्य के बाहर भी सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए ‘गैंगस्टरों के खिलाफ जंग’ और ‘नशों के खिलाफ जंग’ जैसे अभियानों को मज़बूत बनाना है।
इस सहयोग के तहत, राज्य सरकार IIT रोपड़ के साथ मिलकर AI टूल्स का इस्तेमाल करेगी; जिससे पंजाब पुलिस को आपराधिक नेटवर्क की प्रभावी ढंग से मैपिंग करने और उन्हें निशाना बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज और IIT रोपड़ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसमें AIIMS मोहाली में स्थापित डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता इकाई, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय बनाकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगी।
इस साझेदारी के तहत, IIT रोपड़ एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करेगा; जिसमें डेटा एनालिटिक्स, वॉयस रिकग्निशन और डैशबोर्ड-आधारित निगरानी जैसी विशेषताएं शामिल होंगी। इससे रियल-टाइम ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग संभव हो पाएगी, जिससे विदेशों से संचालित होने वाले गैंगस्टर नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।
यह पहल पंजाब पुलिस को एक व्यापक और एकीकृत आपराधिक डेटाबेस बनाने में सक्षम बनाएगी, जिसमें संरचित (structured) और असंरचित (unstructured) दोनों तरह के डेटा शामिल होंगे। यह स्कैन की गई PDF फाइलों और हाथ से लिखे रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ करेगा और उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा, जिससे बिखरी हुई जानकारी तक तुरंत पहुंच संभव हो पाएगी।
भगवंत मान सरकार और IIT रोपड़ मिलकर ट्रैकिंग और विश्लेषण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे, जो AI टूल्स, प्रेडिक्टिव मॉडल्स और विश्लेषणात्मक डैशबोर्ड के माध्यम से बिखरे हुए डेटा को उपयोगी जानकारी में बदल देगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और अधिक प्रभावी बनेगी।
राज्य सरकार ने आधुनिक पुलिसिंग में डेटा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां संरचित डेटा का विश्लेषण करना आसान होता है, वहीं पुलिस रिकॉर्ड का एक बड़ा हिस्सा असंरचित रूप में होता है, जैसे कि हाथ से लिखी रिपोर्ट और स्कैन किए गए दस्तावेज़। इनके एकीकरण की कमी के कारण, जांच प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यह प्रोजेक्ट असंरचित रिकॉर्ड को परिवर्तित करता है और उन्हें मौजूदा डेटासेट के साथ एक ही सिस्टम में एकीकृत करता है, जिससे जांच की दक्षता में काफी वृद्धि होती है।
पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “IIT रोपड़ के साथ यह साझेदारी पुलिस बल की AI और मशीन लर्निंग क्षमताओं को मज़बूत करेगी। पुलिसकर्मी अपराध के पैटर्न को पहचानने में ज़्यादा सक्षम होंगे, जिससे ‘गैंगस्टरों के खिलाफ जंग’ अभियान ज़्यादा असरदार बनेगा और अपराधियों द्वारा टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा।”
अधिकारी ने आगे कहा, “हमारा मकसद अपराधियों से एक कदम आगे रहना और उनके नेटवर्क को निशाना बनाना है। गैंगस्टर विदेश से काम करते हैं और यहाँ के युवाओं को अपराध करने के लिए उकसाते हैं। यह सहयोग AI के ज़रिए अपराधियों का ‘पता लगाने और उन्हें रोकने’ के काम को और मज़बूत करेगा। इससे पंजाब पुलिस को एक सुविधाजनक डेटाबेस बनाने में मदद मिलेगी, जिससे अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी को व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा किया जा सकेगा और AI-आधारित टूल्स के ज़रिए उसका असरदार तरीके से आकलन, पूछताछ और विश्लेषण किया जा सकेगा।”
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