आपका कार्य-जीवन उस समय संतुलित होता है जिस दौरान आप वह काम करते हैं जो आपको पसंद है : अडाणी

कहा, परिवार के साथ कम से कम चार घंटे तो बिताएं

by TheUnmuteHindi
आपका कार्य-जीवन उस समय संतुलित होता है जिस दौरान आप वह काम करते हैं जो आपको पसंद है : अडाणी

आपका कार्य-जीवन उस समय संतुलित होता है जिस दौरान आप वह काम करते हैं जो आपको पसंद है : अडाणी
कहा, परिवार के साथ कम से कम चार घंटे तो बिताएं
नई दिल्ली, 31 दिसंबर : अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि आपका कार्य-जीवन उस समय संतुलित होता है जिस दौरान आप वह काम करते हैं जो आपको पसंद है। हमारे लिए या तो यह परिवार है या काम, हमारे पास इससे बाहर कोई दुनिया नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे भी केवल इसी पर ध्यान देते हैं और इस पर ध्यान देते हैं। कोई भी व्यक्ति यहां स्थायी रूप से नहीं आया है। जब कोई यह समझ लेता है, तो जीवन सरल हो जाता है। बता दें कि हाल में ही इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायणमूर्ति ने एक टिप्पणी करते हुए कहा था कि देश के युवाओं को सप्ताह में 70 घंटे कार्य करना चाहिए, जिससे देश की उन्नति तेजी से होगी। इसके बाद देश में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर एक बहस छिड़ गई। इस बहस के बीच अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने भी अपने विचार रखे हैं। गौतम अडाणी ने कहा कि संतुलन तब महसूस होता है जब कोई व्यक्ति वह काम करता है जो उसे पसंद है। अगर कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि वह नश्वर है तो जीवन जीना भी आसान हो जाता है।
मजाकिया अंदाज में कहा बीवी भाग जाएगी
अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि यदि आप जो करते हैं, उससे आनंद लेते हैं, तो आपके पास कार्य-जीवन संतुलन है। आपका कार्य-जीवन संतुलन मुझ पर नहीं थोपा जाना चाहिए, और मेरा कार्य-जीवन संतुलन आप पर नहीं थोपा जाना चाहिए। किसी को यह देखना चाहिए कि वह अपने परिवार के साथ कम से कम चार घंटे तो बिताएं। वहीं, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसके बावजूद अगर कोई अपने काम पर आठ घंटे व्यतीत करता है तो वह अलग बात है कि बीवी भाग जाएगी। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि कार्य-जीवन संतुलन का सार व्यक्ति की अपनी और प्रियजनों की खुशी में निहित है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति वह काम करता है जो उसे पसंद है। अगर कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि वह नश्वर है तो जीवन जीना भी आसान हो जाता है।

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