मोहाली, 01 अगस्त 2025: एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन, सीजीसी लांडरां ने एक दिन की वर्कशॉप का आयोजन किया जिसका शीर्षक था ‘पेटेंट टू प्रोडक्ट : ब्रिजिंग इनोवेशन एंड मार्किट’ इस वर्कशॉप का उद्देश्य स्टार्टअप्स, स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबर्स को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कमर्शियलाइज़ेशन पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था।
इस वर्कशॉप का मकसद यह समझाना था कि किसी नए आइडिया या खोज को लैब से निकालकर बाज़ार तक कैसे पहुँचाया जाए। इसमें कई ज़रूरी बातें सिखाई गईं, जैसे—आविष्कार की जानकारी देना, टेक्नोलॉजी कितनी तैयार है यह समझना, आईपी को कैसे बेचा जाए और इन्वेस्टर्स को अपने आइडिया के बारे में कैसे समझाया जाए।
इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित एक्सपर्ट्स शामिल हुए, जिनमें गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में डॉ. दीपक कपूर (सीनियर साइंटिस्ट, आईपीआर फैसिलिटेशन डिवीज़न, पीएससीएसटी, चंडीगढ़) और डॉ. सौरभ अरोड़ा (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर अफसर, आईआईटी रोपड़) शामिल थे। अपने व्यापक अनुभव के आधार पर, वक्ताओं ने वास्तविक जीवन से जुड़ी केस स्टडीज़ और बेहतरीन प्रथाओं को साझा किया, जिससे रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेंयूर्शिप से जुड़े प्रतिभागियों के लिए वर्कशॉप और भी ज्ञानवर्धक और महत्वपूर्ण बन गयी।
वर्कशॉप की शुरुआत उद्घाटन भाषणों के साथ हुई, जो प्रो. (डॉ.) नेहा शर्मा , डीन रिसर्च, एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन, सीजीसी लांडरां, डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां और गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ. दीपक कपूर ने दिए।
अपने संबोधन में डॉ. राजदीप सिंह ने कहा, “सीजीसी लांडरां में हमारा मानना है कि जब कोई इनोवेशन, समाज के हित में उपयोगी साबित होता है, तभी उसकी असली शक्ति सामने आती है। यह वर्कशॉप न केवल रिसर्च और रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन के बीच के फांसले को ख़त्म करेगी बल्कि हमारे इन्नोवेटर्स को अपने आइडियाज को बाज़ार तक पहुँचाने के लिए ज़रूरी टूल्स की जानकारी भी प्रदान करेगी।”
डॉ. कपूर ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और आईपी कमर्शियलाइज़ेशन पर इंटरएक्टिव सेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने इसकी महत्वता, ट्रांसफर प्रोसेस, एकेडेमिया में आने वाले चैलेंजेज और इन्वेंशनकी जानकारी व मूल्यांकन की बारीकियों पर प्रकाश डाला।
वहीं, डॉ. अरोड़ा ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल, इंडस्ट्री और इन्वेस्टर्स के सामने किस तरह से प्रभावी पिच देनी है और कमर्शियलाइज़ेशन के विभिन्न मार्गों जैसे लाइसेंसिंग, स्टार्टअप्स और जॉइंट वेंचर्स की चर्चा की और लाइसेंसिंग की शर्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा कीं।