वक्फ संशोधन विधेयक 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश होने की संभावना: रिजिजू

by Manu
वक्फ संशोधन विधेयक

नई दिल्ली, 31 मार्च 2025: केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक को अंतिम रूप दे दिया है और इसे 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है। इस बीच, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर संसद में खुलकर बहस करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है और अब इसे संसद में चर्चा के लिए लाया जा रहा है।

रिजिजू की अपील: संसद में बहस करें, गुमराह न करें

किरेन रिजिजू ने कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं कि जब हम वक्फ संशोधन विधेयक को संसद में पेश करने जा रहे हैं, तो हमें इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए। संसद के बाहर रिकॉर्ड स्तर पर परामर्श और विचार-विमर्श हुए हैं। जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने भारत के इतिहास में सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया का रिकॉर्ड बनाया है। अब विधेयक तैयार है, तो मैं सभी दलों से कहना चाहता हूं कि वे संसद में आएं, अपने विचार रखें और बहस करें। कृपया लोगों को गुमराह करने से बचें।”

‘असंवैधानिक’ के आरोपों का जवाब

कुछ विपक्षी नेताओं और संगठनों द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक करार देने पर रिजिजू ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि यह विधेयक असंवैधानिक है। लेकिन वक्फ नियम तो आजादी से पहले से चले आ रहे हैं। ये प्रावधान पहले से मौजूद हैं। अगर वक्फ अधिनियम आजादी से पहले से है, तो इसे अवैध कैसे कहा जा सकता है? यह तर्क समझ से परे है।”

‘मुसलमानों को गुमराह करने की साजिश’

रिजिजू ने विधेयक के खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कुछ लोग भोले-भाले मुसलमानों को यह कहकर डरा रहे हैं कि सरकार उनकी संपत्ति और अधिकार छीनने जा रही है। यह सरासर झूठ है। ऐसी अफवाहें हमारे समाज और देश के लिए नुकसानदेह हैं। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि उन नेताओं को पहचानें जो झूठ फैला रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के वक्त भी देश को गुमराह किया था।”

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