वी नारायणन ने इसरो के अध्यक्ष के रूप में संभाला कार्यभार
गगनयान कार्यक्रम के लिए निभा चुके हैं महत्वपूर्ण भूमिका
नई दिल्ली, 15 जनवरी : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के रूप में वी नारायणन ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने एस सोमनाथ की जगह यह पद संभाला है। इससे पहले, नारायणन ने इसरो के ‘लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर’ (एलपीएससी) के निदेशक के रूप में कार्य किया, जो प्रक्षेपण यानों और अंतरिक्ष यानों की प्रणोदन प्रणालियों के विकास के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन ‘गगनयान’ कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय स्तर के ह्यूमन रेटेड सर्टिफिकेशन बोर्ड (एचआरसीबी) के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह 1984 में इसरो से जुड़े थे और अपने लगभग 40 वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने भारत के अंतरिक्ष मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
चंद्रयान मिशन में दिया है योगदान
जानकारी के अनुसार वी नारायणन ने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 मिशन में भी योगदान दिया। वह आईआईटी खडग़पुर के पूर्व छात्र हैं, जहां उन्होंने क्रॉयोजेनिक इंजीनियरिंग में एम.टेक और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की पढ़ाई की। एम. टेक में प्रथम रैंक हासिल करने के लिए रजत पदक से सम्मानित किया गया, उन्हें 2018 में प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार और 2023 में आईआईटी खडग़पुर से लाइफ फेलोशिप पुरस्कार भी मिला है।
वी नारायणन ने इसरो के अध्यक्ष के रूप में संभाला कार्यभार
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