लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से शुक्रवार को जारी निर्देशों में सभी जिलाधिकारियों को मतदाता सूची से जुड़े कामों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। निर्देश के मुताबिक, डीएम को प्रतिदिन ECI-Net एप पर लॉगिन कर मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की समीक्षा करनी होगी।
आयोग ने मतदाता फॉर्म-6, फॉर्म-6A, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की नियमित समीक्षा और उनके गुणवत्तापूर्ण समाधान पर भी जोर दिया गया है।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि BLO से संपर्क के लिए आने वाली ‘बुक ए कॉल विद BLO’ की कोई भी रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। चुनावी प्रक्रिया में शामिल अधिकारी अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं कर सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के समन्वय, निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की अंतिम प्रशासनिक जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम की होगी। यह जिम्मेदारी केवल अधीनस्थ अधिकारियों तक सीमित नहीं मानी जाएगी।
यह निर्देश उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही रोकने के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
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