प्रयागराज,16 जुलाई, 2025: रामपुर स्थित यतीमखाना से 2016 में जबरदस्ती बेदखली के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सुनवाई मंगलवार को टाल दी है, अगली सुनवाई की तारीख 28 जुलाई तय की गई है। न्यायमूर्ति समीर जैन ने यह आदेश मोहम्मद इस्लाम और अन्य की याचिका पर दिया।
इस मामले में करीब 12 अलग-अलग प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थीं, जिसमें पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान और कई अन्य को आरोपी बनाया गया है। इससे पूर्व, 11 जून को उच्च न्यायालय ने कहा था कि इस मामले में निचली अदालत सुनवाई जारी रखेगी, लेकिन कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेगी। इसके बाद आजम खान की याचिका भी, मोहम्मद इस्लाम के मामले से जोड़ दी गई थी। बतादें की यह मामला 15 अक्टूबर, 2016 की कथित घटना से जुड़ा है, जिसमें यतीमखाना नाम से अनाधिकृत ढांचे को ध्वस्त किया गया था।
थाने में दर्ज़ की गई 12 प्राथमिकियाँ
इस मामले में 2019 और 2020 के बीच रामपुर जिले के कोतवाली थाने में 12 प्राथमिकियाँ दर्ज की गई थीं। शुरुआत में इन प्राथमिकियों को लेकर अलग -अलग मुकदमे चलाए गए जिन्हें विशेष न्यायाधीश रामपुर ने आठ अगस्त, 2024 को एक एकल मुकदमे में समेकित कर दिया। प्रमुख हस्तियों सहित इन आरोपियों पर भादंसं के तहत डकैती, घुसपैठ और आपराधिक षड़यंत्र के आरोप लगाए गए।
30 मई, 2025 के फैसले को याचिका में निचली अदालत में चुनौती दी गई, जिसमें सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर अहमद फारुकी समेत प्रमुख गवाहों को बुलाने और 2016 के बेदखली की घटना का वीडियोग्राफिक साक्ष्य पेश कराने का अनुरोध खारिज कर दिया गया था।
यह भी पढ़े: Roster of Lekhpals: लेखपालों का रोस्टर होगा तय! लोगों को बार बार नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर