यूपी,15 जुलाई, 2025: उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भारत में 2000 के नोट बंद होने के बाद भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेरोजगार युवाओं के जरिए इन नोटों को बदला जा रहा है। 2000 की नोट के बदले 1200 से लेकर 1600 रुपये दिए जा रहे हैं। लखनऊ की इन्वेस्टिगेशन बिंग ने इस नेटवर्क ठोस सबूत जुटाए हैं।
यूपी के जिलों में दो हजार रुपये के नोट बदलने का धंधा बेधड़क चल रहा है। बतादें की आयकर विभाग की जाँच में ये सामने आया है कि पुराने नोटों को 1200 से 1600 रुपये तक में बदला जा रहा है। विभाग की लखनऊ इन्वेस्टिगेशन विंग ने फरवरी में नेपाल बॉर्डर पर छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क के ठोस सबूत इकठा किए हैं।
उत्तर प्रदेश के सात जिले नेपाल की सीमा से सटे हुए हैं। जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले शामिल है। इन सीमा क्षेत्र में बहराइच के रुपईडीहा और बलरामपुर के बढ़नी समेत बॉर्डर के क्षेत्र में आयकर टीमों की जाँच में खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार बेरोजगार युवकों को कमीशन के आधार पर इस काम में लगाया गया है। बतादें की यह पता लगाया जा रहा है की ये नोट आखिर कहाँ पहुँचाए जा रहे हैं।
डाकघरो की जाँच की जा रही
नियमों के अनुसार दो हजार रुपये के नोट केवल आरबीआई या डाकघरों में ही जमा किए जा सकते हैं। यहाँ पर भी उनकी सीमा अधिकतम 30,000 तक है। विभाग अब नेपाल के डाकघरो की जाँच कर रहा है।
गोपनीय तरीके से हो रही जाँच
विभाग ने कुछ निजी लोगों को नोट देकर नेपाल भेजा। जहाँ नोट आसानी से बदले गए। यह ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया।पुलिस की भी इसमें कोई मदद नहीं ली गई। इसी कार्रवाई के दौरान पता चला कि सीमा क्षेत्रों में यूपीआई से हजारों ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।
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