US-IRAN TENSION: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता स्थगित होने के बाद ट्रम्प ने धमकी दी है कि ईरान से तेल या पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने वाले किसी भी देश या व्यक्ति पर तत्काल द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिसके चलते वे अमेरिका के साथ किसी भी तरह का व्यापार नहीं कर पाएंगे।
यह चेतावनी तब आई, जब ओमान ने घोषणा की कि 3 मई को होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता को रसद और तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया है। ओमानी विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नई तारीख दोनों पक्षों की सहमति के बाद घोषित की जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने भी स्थगन की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान एक “उचित और संतुलित समझौते” के लिए प्रतिबद्ध है, जो प्रतिबंधों को खत्म करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण रखने की गारंटी दे।
ट्रम्प की यह धमकी खास तौर पर चीन को निशाना बनाती प्रतीत होती है, जो ईरान से प्रतिदिन 1.8 मिलियन बैरल तेल आयात करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना चीन के राज्य-नियंत्रित उद्यमों और शिपिंग ढांचे पर प्रतिबंध लगाए, ईरानी तेल निर्यात को रोकना मुश्किल होगा। भारत, जो पहले ईरान से तेल आयात करता था, ने 2019 में ट्रम्प के पिछले प्रतिबंधों के बाद आयात बंद कर दिया था और अब गैर-तेल क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान दे रहा है।
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