पटियाला संगीत समारोह
झील की लहरों के मानिद फिजा में इस वर्ष बुधवार शाम 6 बजे से फिर उठेंगी स्वर लहरियां
18 से 20 दिसंबर कालिदास ऑडिटोरियम शाम 6 बजे और 22 दिसंबर को सुबह 10.30 बजे
बांसुरी,पखावज,सितार ,हारमोनियम ,तबला सहित इंस्ट्रुमेंटल संगीत के प्रवाह पटियाला सहित आसपास के संगीत प्रेमियों को निहाल करेगा ।
पटियाला : झील में उठतीं लहरों की मानिद अठखेलियां करतीं सितार व वायोलिन की झंकार से निकली मीठी-मीठी धुनें, पखावज की मदमदाती थाप, बुलंद और सुरीली आवाज में घरानेदार गायकी। साथ ही भारतीय राग-रागनियों के साथ समागम करतीं पाश्चात्य देशों की धुनें। हलके-हलके बह रहीं सर्द हवाओं में राग- मनीषियों ने जब मीठी-मीठी राग-रागनियां बजेंगी तो पटियाला के संगीत रसिक सर्दी का अहसास भूल जाएंगे । मौका रहेगा पटियाला संगीत समारोह में 18 दिसंबर बुधवार की सर्द सांध्य बेला में शहर के हृदय स्थल नार्थ जॉन कल्चरल सेंटर के कालीदास ऑडिटोरियम में ।
चार दिवसीय समारोह में शास्त्रीय संगीत के मशहूर गायक पटियाला घराने के शांतनु भट्टाचार्य की प्रस्तुति से समारोह की शुरूआत होगी तथा अंतिम दिवस बेंगलूर की अनुपमा भागवत के सितार वादन से इस समारोह का समापन होगा । शिमला के गुंजन चन्ना, पटियाला के अलंकार सिंह, मुंबई की रोंकिनी गुप्ता, दिल्ली के उदय प्रकाश मलिक और जयपुर के सौरभ वशिष्ठ अपनी शास्त्रीय गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे । इसी प्रकार योगेश शम्सी के तबला और तन्मय दवचके के हारमोनियम की जुगलबंदी और राजेंद्र प्रसन्ना के बांसुरी वादन की प्रस्तुति भी इस समारोह में शामिल की गई है, जानकारी संस्थान के डायरेक्टर फुरकान खान ने दी व पटियाला के संगीत प्रेमियों से रूह की ख़ुराक का आनंद लेने की अपील की ।
पटियाला संगीत समारोह
झील की लहरों के मानिद फिजा में इस वर्ष बुधवार शाम 6 बजे से फिर उठेंगी स्वर लहरियां
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