राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अंतिम दिन नाटक टैक्स फ्री का सफल मंचन
– महाभारत के महिला पात्रों पर आधारित नृत्य की सफल प्रस्तुति
पटियाला : कला कृति पटियाला और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर (एनजेडसीसी) के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव के आखिरी दिन नाटक टैक्स फ्री की सफल प्रस्तुति ड्रामाटर्जी आट्र्स एंड कल्चर सोसायटी दिल्ली के कलाकारों ने दी। जिसका शानदार निर्देशन सुनील चौहान ने किया। यह नाटक चार अंधे युवाओं पर आधारित है। जिसके जरिए दिखाया गया कि जिंदगी के पलों को खुलकर जीना ही असली जिंदगी है। साथ ही सामाजिक ताने-बाने को भी समझाने का प्रयास किया गया है। नाटक में अभिनेता अकरम खान, कुशल देवगन, सुजल कुमार, प्रदीप कुमार, राघव शुक्ला ने शानदार भूमिका निभाकर सभी दर्शकों को अचंभित कर दिया। इसके साथ ही लाइटिंग सुनील चौहान और संगीत संयोजन पुलकित पराग ने किया।
इसके साथ ही निदेशक अरुणवा बर्मन के निर्देशन में स्फिनिक्स डांस क्रिएशन कलकत्ता के ग्रुप द्वारा तेजा तुरेया नृत्य का सफल प्रदर्शन किया गया।
उक्त नृत्य की प्रस्तुति महाभारत के महिला पात्रों पर आधारित थी। इस नृत्य के माध्यम से गंधारी, शिखंडी, द्रौपदी, हिडिम्बा और चित्रांगदा जैसे विभिन्न महिला पात्रों का विश्लेषण किया गया है।
डांस के कलाकार सास्वता, दिशानी, सुभसरी, श्रीलेखा और इंद्राजीत ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। जिसका दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया और वे अपनी सीट पर खड़े होकर तालियां बजाए बिना नहीं रह सके।
महोत्सव के आखिरी दिन दुनिया भर में दानवीर के नाम से मशहूर सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रो. एसपी सिंह ओबराय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए इन नृत्यों और नाटकों के माध्यम से समाज में पैदा की जा रही जागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम हर समस्या, हर व्यक्ति, हर समाज तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इसमें सुधार किया जा सके। जिसके चलते सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट और कला कृति पटियाला का सुमेल हुआ।
इसके साथ ही मुख्य अतिथि जस्टिस एमएमएस बेदी, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट के पूर्व कुलपति डॉ. राज बहादुर ने कला कृति पटियाला और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस उत्सव की सफलता के लिए कला निर्देशक परमिंदर पाल कौर को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे महोत्सव का होना बहुत जरूरी है। जिससे समाज को कुछ नया सीखने को मिलता है।
इस अवसर पर नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर के सहायक निदेशक रविंदर शर्मा और प्रशासनिक अधिकारी भूपिंदर सिंह शोफत ने विशेष रूप से भाग लिया और कलाकारों का हौसला बढाया।
राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अंतिम दिन नाटक टैक्स फ्री का सफल मंचन
महाभारत के महिला पात्रों पर आधारित नृत्य की सफल प्रस्तुति
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