चंडीगढ़, 10 जनवरी 2026: पंजाब सरकार ने राज्य के शैक्षिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए 5,073 सरकारी स्कूलों में पौष्टिक बगीचों की स्थापना का निर्णय लिया है। यह पंजाब को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
पंजाब स्टेट फूड आयोग के दिशा-निर्देशों पर आधारित यह परियोजना सीधे तौर पर राज्य के उन हजारों विद्यार्थियों को लक्षित करती है। अब स्कूलों में ही ताजी, शुद्ध और कीटनाशक मुक्त सब्जियां और फल उपलब्ध होंगे। अक्सर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता एक चुनौती रही है। पंजाब सरकार ने इस समस्या का स्थायी और प्राकृतिक समाधान खोज निकाला है। स्कूलों की खाली पड़ी सरप्लस जमीन, जो वर्षों से उपेक्षित थी, अब कृषि, बागवानी और शिक्षा विभाग के साझा प्रयासों से लहलहाते हर्बल और फ्रूट गार्डन्स में तब्दील हो जाएगी।
अमृतसर जैसे जिलों में जहाँ स्कूलों के पास तीन से चार एकड़ तक अतिरिक्त जमीन उपलब्ध है। इन बगीचों के माध्यम से बच्चों को उत्तम आहार मिलेगा। साथ ही वे बचपन से ही खेती की नई तकनीकों और फसली विभिन्नता के महत्व को भी समझ सकेंगे। इस योजना में राज्य के 1,100 आंगनवाड़ी केंद्रों को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया गया है।
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