नई दिल्ली, 25 नवंबर : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद में सर्वेक्षण दौरान हुई हिंसा के बाद अधिकारियों ने जानकारी देते कहा गया है कि अब किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को जिले में दाखिल होने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। बता दें कि हिंसा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आगामी 30 नवंबर तक जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेसीया ने रविवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि जिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 163 के अंतर्गत 30 नवंबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था। उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं मामले में याचिकाकर्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए एडवोकेट कमीशन गठित करने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने 24 नवंबर को सर्वे की शेष कार्यवाही की। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने भारी विरोध प्रदर्शन करते हुए पथराव और आगजनी की। इसके बाद अब यह फैसला लागू किया गया है।
संभल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर सरकार ने लगाई पाबंदी
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