नई दिल्ली, 06 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए ईडी को फटकार लगाया। कोर्ट ने कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना ईडी की आदत बन गई है। हमने कई ईडी मामलों में ऐसा देखा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अभय एस ओक और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ कर रही थी।
सबूत न पेश कर पाने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ED को फटकार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अपील की थी, जिसकी सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू अरविंद सिंह के खिलाफ आरोपों के सबूत पेश करने में विफल रहे। अरविंद सिंह पर इस घोटाले से 40 करोड़ रुपए प्राप्त करने का आरोप था, हालांकि इसका कोई सबूत पेश नहीं किया जा सका। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाई।
आरोपी अरविंद सिंह के वकील ने दलील दी कि अरविंद ने 10 महीने हिरासत में बिताए हैं, जबकि ईडी ने मामले में मुख्य और तीन अतिरिक्त आरोपपत्र दायर किए हैं और जांच अभी भी जारी है। इस मामले में 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें 25,000 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज तथा 150 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। जबकि ईडी ने तर्क दिया कि दस्तावेजों के पृष्ठों की संख्या के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। यह 2000 करोड़ रुपए का घोटाला है, आरोपी अरविंद सिंह की गिरफ्तारी को अभी एक साल भी नहीं हुआ है।
कोर्ट के ED की दलील को इनकार करने के बाद ED की ओर से वकील सॉलिसिटर जनरल ने और समय मांगा। अब आगे की सुनवाई शुक्रवार को होगी।
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