चंडीगढ़, 31 दिसंबर 2025: पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम बठिंडा को स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है। साथ ही राज्य के 25 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को कूड़ा मुक्त स्टार-1, 1 यूएलबी को कूड़ा मुक्त स्टार-3, 46 यूएलबी को वाटर+, 53 यूएलबी को ओडीएफ++ और 43 यूएलबी को ओडीएफ+ तथा 22 यूएलबी को ओडीएफ के रूप में प्रमाणित किया गया है।
स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने फसल विविधीकरण के साथ बागवानी को बढ़ावा देने के साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। राज्य ने विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे में 131 यूएलबी में पुराने कचरे का प्रबंधन किया। कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का निपटारा हो चुका है। शेष 43.31 लाख मीट्रिक टन (35 यूएलबी) का निपटारा अप्रैल 2027 तक पूरा करने की योजना है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में ताजा ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर फोकस रहा। कुल 4008 टीपीडी ठोस अपशिष्ट में से 3243 टीपीडी (81%) गीले कचरे को खाद और बायो-मीथेनाइजेशन के माध्यम से तथा सूखे कचरे को चैनलाइजेशन द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है। कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 9812 ट्राइसाइकिल और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे की प्रोसेसिंग के लिए 8436 कंपोस्ट पिट (एरोबिक हनीकॉम्ब) और 276 मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी स्थापित की गई हैं।
डॉ. रवजोत सिंह ने स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत प्रगति की जानकारी दी। लुधियाना में 769.18 करोड़ के 71 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और 138.05 करोड़ के 8 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। अमृतसर में 580 करोड़ के 19 प्रोजेक्ट पूरे और 245 करोड़ के 10 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। जालंधर में 771.57 करोड़ के 56 प्रोजेक्ट पूरे और 162.88 करोड़ के 4 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी में 29.57 करोड़ के 6 प्रोजेक्ट पूरे और 136.28 करोड़ के 14 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं।
मंत्री ने बताया कि मार्च 2022 से पीआईडीबी के माध्यम से 166 यूएलबी में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के कार्य हुए हैं। एमसी फंडों से 166 यूएलबी में 1700 करोड़ रुपये और 5 नगर निगमों एवं 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं।
अमृतसर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ऑटो-रिक्शा पुनर्जीवन (RAAHI) योजना के तहत 1200 पुराने डीजल ऑटो को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया। महिलाओं के लिए 90% सब्सिडी पर 200 पिंक ई-ऑटो दिए गए।
बड़े शहरों में शून्य उत्सर्जन के लिए 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं: अमृतसर (100), जालंधर (97), लुधियाना (100), पटियाला (50) और मोहाली क्लस्टर (100)। इससे सार्वजनिक परिवहन बेहतर होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
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