चंडीगढ़, 04 जुलाई 2026: पंजाब सरकार ने ‘सांझा सुनेहा – एकजुट पंजाब’ नाम का एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया। इसका मकसद राज्य में ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियों, कम्युनिटी लीडर्स, सिविल सोसाइटी संगठनों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच मज़बूत और लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी बनाना है।
यह कॉन्फ्रेंस ‘इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज़ एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग’ (नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस) के मौके पर ‘डेटा इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट’ (DITSU) ने आयोजित की थी। DITSU पंजाब में ड्रग्स-विरोधी व्यापक अभियान की तकनीकी रीढ़ है। इस कार्यक्रम में 40 से ज़्यादा संगठनों के 80 से ज़्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ये संगठन शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, बाल सुरक्षा, युवा कल्याण, महिला सशक्तिकरण, कम्युनिटी आउटरीच और खेल जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
इस मौके पर पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई में समाज और लोगों की मिली-जुली कार्रवाई पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘ड्रग्स के ख़िलाफ़ जंग’ अभियान के तहत लागू करने, इलाज, पुनर्वास और रोकथाम की एक व्यापक रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा, “युवाओं को सशक्त बनाने के लिए हमने स्कूलों और कॉलेजों में भी यह अभियान लागू किया है, खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं और साथ ही माता-पिता और शिक्षकों को भी ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई में आगे आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।”
“एकजुट पंजाब ही रंगीन पंजाब है। ड्रग्स-विरोधी अभियान की असली सफलता के लिए इसे जन-आंदोलन बनाना ज़रूरी है। NGO, शिक्षण संस्थानों, कम्युनिटी लीडर्स से लेकर नशा करने वालों के परिवार के सदस्यों तक – समाज के हर वर्ग को इसमें शामिल होना चाहिए। इसीलिए आज के कार्यक्रम में 40 से ज़्यादा NGO हिस्सा ले रहे हैं। इससे ‘सांझा सुनेहा’ एक सामूहिक संकल्प और ऐसा मंच बनेगा जहाँ अनुभव, विचार और नए आइडिया आकार लेंगे।”
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