सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ लिया फैसला दुखदाई : जत्थेदार सतविन्दर सिंह टौहड़ा
– कहा, अतरिंग कमेटी द्वारा जल्दबाजी में लिए फैसले पर दोबारा विचार करे
नाभा, 20 दिसम्बर : सिख कौम के सिरमौर तखत श्री अकाल तखत के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जत्थेदार तखत श्री दमदमा साहिब के खिलाफ शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की अतरिंग कमेअी द्वारा लिए गए फैसले पर बोलते हुए जत्थेदार सतविंदर ङ्क्षसह टोहड़ा मैंबर एसजीपीसी ने कहा कि सिंह साहिब के खिलाफ लिया गया फैसला दुखदाई है तथा अतरिंग कमेटी द्वारा जल्दी में लिए गए इस फैसले पर दोबारा विचार करके इसको वापिस लिया जाए।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके के साथ यह फैसला लिया गया है यह सिख भावनाओं के अनुकूल नहीं और न ही यह सिख सिद्धांतों की तर्जमानी करता है। सिंह साहिब कौम की सतिकारयोग शख्सीयत हैं, ऐसे लग रहा है कि जैसे किसी बड़े दबाव में आकर यह फैसला लिया गया हो। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा जब ङ्क्षसह साहिब या कोई भी कर्मचारी को भर्ती किया जाता है तो उसकी एक फाइल बनती है तथा फिर जब भी उसको कोई तरक्की दी जाती है तो उसकी दोबारा से फाइल देखी जाती है। मैं पूछना चाहता हूं कि 18 वर्ष पुराना मामला है, जब सिंह साहिब को नियुक्त किया गया था तो उस समय क्यों नहीं विचारा गया।
उन्होंने शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरिंग कमेटी से अपील करते कहा कि सिख कौम का पहले ही बहुत घान हो चुका है। कौम की भावनाओं और सिद्धांतों की पहरेदारी करने वाले फैसले लिए जाएं न कि किसी विशेष व्यक्ति को अहमीयत के सिख सिद्धांतों का घान किया जाए। जत्थेदार टौहड़ा ने कहा कि शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जिस समय अस्तित्व में आई थी, उस समय भी इस जैसे हालात पैदा हुए होंगे, जिस कारण हमारे बड़ों ने बड़े संघर्ष कर और बड़ी कुर्बानियां दे कर शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया था। इस लिए अंतरिंग कमेटी को सिख कौम की भावनाओं की कद्र करते हुए सिख सिद्धांतों के अनुकूल फैसला लेकर सिंह साहब ज्ञानी हरप्रीत सिंह के मामले में फिर से विचार करे।
सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ लिया फैसला दुखदाई : जत्थेदार सतविन्दर सिंह टौहड़ा
कहा, अतरिंग कमेटी द्वारा जल्दबाजी में लिए फैसले पर दोबारा विचार करे
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