मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, कहा- ‘अगर भारत नहीं बनाएगा, तो सिर्फ…’

by Manu
राहुल गांधी

नई दिल्ली, 21 जून 2025: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 21 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल की तीखी आलोचना करते हुए इसे असफल करार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में बड़े-बड़े वादों के साथ शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना और 100 मिलियन नौकरियां पैदा करना था, लेकिन यह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रही।

मोदी जी ने नारे देने की कला में महारत हासिल- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने दिल्ली के नेहरू प्लेस में इलेक्ट्रॉनिक्स मरम्मत तकनीशियनों शिवम और सैफ के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए एक वीडियो साझा किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “‘मेक इन इंडिया’ ने फैक्ट्री बूम का वादा किया था। तो फिर मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड निचले स्तर पर क्यों है? युवाओं की बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है? और चीन से आयात क्यों दोगुना हो गया है? मोदी जी ने नारे देने की कला में महारत हासिल की है, लेकिन समाधान देने में वे फेल हैं।”

राहुल गांधी ने बताया कि 2014 में मेक इन इंडिया के शुरू होने के समय विनिर्माण क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 15.3% था, जो 2023-24 में घटकर 14.1% रह गया, जो पिछले 60 वर्षों में सबसे निचला स्तर है। यह योजना का लक्ष्य 2025 तक विनिर्माण को जीडीपी का 25% करने का था, जो पूरा नहीं हुआ।

युवाओं में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार और न ही वर्तमान एनडीए सरकार बेरोजगारी के मुद्दे का ठोस समाधान दे पाई।

गांधी ने आरोप लगाया कि मेक इन इंडिया के बावजूद चीन से आयात दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल और लैपटॉप जैसे उत्पाद केवल असेंबल किए जाते हैं, जबकि उनके अधिकांश कलपुर्जे चीन से आयात होते हैं, जिससे चीन को आर्थिक लाभ हो रहा है।

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