चंडीगढ़, 14 जून 2025: पंजाब में दूध, घी, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के नाम पर जो शुद्धता का दावा किया जाता है, उसकी सच्चाई चौंकाने वाली है। राज्य की फूड सेफ्टी विंग की जांच में पता चला कि बाजार में बिकने वाले इन रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में से 35.71% सैंपल FSSAI के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
2024-25 में दूध, घी, पनीर, खोया और आइसक्रीम के 1,162 सैंपल लिए गए, जिनमें से 415 में खतरनाक मिलावट पाई गई। हैरानी की बात यह है कि कुछ सैंपलों में प्राकृतिक वसा की जगह रिफाइंड तेल, वेजिटेबल ऑयल, डिटर्जेंट, यूरिया और ग्लूकोज जैसी हानिकारक चीजें मिलीं।
फूड सेफ्टी विंग जांच में सामने आए आंकड़े
दूध: 26.71% सैंपल असुरक्षित।
घी: 21.62% सैंपल मानकों से नीचे।
खोया: 25.9% सैंपलों में मिलावट।
आइसक्रीम: 33.3% सैंपल अशुद्ध।
पनीर: 48.02% सैंपल जांच में फेल।
खाद्य विभाग के अनुसार, पनीर में एसिड और ज्यादा सोया, घी में पशु वसा और अप्राकृतिक तेल, और दूध में पानी व हानिकारक केमिकल मिले। कुल 7.57% सैंपल ऐसे थे, जो सीधे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी मिलावट से पेट के इन्फेक्शन, किडनी की समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
यह खबर हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो इन उत्पादों को शुद्ध मानकर इस्तेमाल करता है।
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