पंजाबी लोगों में स्ट्रोक के जोखिम को दोगुना कर सकने वाले जीनज के एक विशेष जुट की पंजाबी यूनिवर्सिटी की खोज द्वारा हुई निशानदेही

by TheUnmuteHindi
पंजाबी लोगों में स्ट्रोक के जोखिम को दोगुना कर सकने वाले जीनज के एक विशेष जुट की पंजाबी यूनिवर्सिटी की खोज द्वारा हुई निशानदेही

पंजाबी लोगों में स्ट्रोक के जोखिम को दोगुना कर सकने वाले जीनज के एक विशेष जुट की पंजाबी यूनिवर्सिटी की खोज द्वारा हुई निशानदेही
पटियाला, 17 फरवरी : पंजाबी यूनिवर्सिटी की एक खोज के द्वारा पंजाबी लोगों के शरीर में जीनज के एक ऐसे जुट की पहली बार निशानदेही की गई है, जिसका शरीर में होना स्ट्रोक के जोखिम को दोगुणा कर सकता है। यूनिवर्सिटी के हियूमन जैनेटिकस विभाग से डाू. पुनीत पाल ङ्क्षसह की अगुवाई में खोजार्थी डॉ. नितिन कुमारद्वारा की खोज द्वारा इस नए हैपलोटाइप (जीनज के एलीलज रूप का आपसी मेल) बारे खुलासा हुआ है, जो पंजाब की आबादी में स्ट्रोक की विशेष किस्म इसकैमिक स्ट्रोक के खतरे के लिए काफी जोखिम पैदा करता है। उल्लेखनीय है कि यह खोज उच्च प्रभाव वाले जनरल इंटरनैशनल जनरल आफ इमयूनोजैनेटिकस में प्रकाशित हुई है।
डा. पुनीत पाल सिंह ने इस बारे जानकारी देते बताया कि स्ट्रोक एक डाक्टरी एमरजैंसी है जिसके नतीजे के तौर पर मौत और अपंगता की स्थिति पैदा हो सकती है। विश्व सेहत संगठन की तरफ से स्ट्रोक को दुनिया भर में मौत के सब से प्रमुख कारणों में से दूसरे नंबर पर रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत में यह मौत के कारणों में चौथे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के लिए मुख्य तौर पर माने जाते जोखिम कारकों में हाईपरटैनशन, हाईपरलिपीडीमिया, सिगरटनोशी और हवा प्रदूषण के अलावा मानवीय शरीर अंदरूनी कुछ जैसे भी इस के साथ जुड़े जोखिम का कारण बनते हैं। उन्होने बताया कि खोज दौरान यह सामने आया कि मानवीय जिनोम में एनएलआरपी 3, एएससी व केसपेज-1 का आपसी विशेष गठजोड़ दिमाग को खून सप्लाई करने वाली नाडिय़ों के लिए दिवारों के अंदर सोजिश गतिविधियां बढ़ाता है। इसका होना एनएलआरपी 3 इनफलामेसेम नामक समस्या के क्रियाशील होने का कारण बनता है।

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