नई दिल्ली, 09 अगस्त 2025: पंजाब और हरियाणा के बीच भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी आवंटन के मामले में पंजाब सरकार की याचिका पर शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दूसरे दिन भी सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के सामने सुनवाई शुरू होते ही हरियाणा सरकार ने आपत्ति जताई कि वह इस मामले में ‘पीड़ित पक्ष’ है, लेकिन उसे याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया।
इस पर चीफ जस्टिस ने सवाल उठाया, जिसके जवाब में पंजाब सरकार ने हरियाणा को पक्षकार बनाने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने पंजाब सरकार को यह अनुमति देते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त तक स्थगित कर दी।
इससे पहले गुरुवार को हुई सुनवाई में पंजाब सरकार ने BBMB पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर हरियाणा को 8,500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने का आरोप लगाया था। पंजाब का कहना है कि BBMB का यह फैसला बिना कानूनी अधिकार और पंजाब की सहमति के लिया गया, जो जल बंटवारे के स्थापित नियमों और पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 का उल्लंघन करता है।
शुक्रवार को पंजाब के एडवोकेट जनरल ने 23 अप्रैल को हुई BBMB की तकनीकी समिति की बैठक और 30 अप्रैल व 3 मई की बोर्ड बैठकों के मिनट्स रद करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने सभी साझेदार राज्यों को शामिल करते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया से BBMB के चेयरमैन की नियुक्ति की मांग भी उठाई।
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