चंडीगढ़, 11 जून 2025: पंजाब सरकार ने एक सख्त फैसला लेते हुए HDFC बैंक के साथ सभी वित्तीय संबंध तोड़ दिए हैं। इस निर्णय के तहत अब कोई भी सरकारी विभाग इस बैंक के साथ लेन-देन नहीं करेगा। सरकार का कहना है कि HDFC बैंक ने हाल ही में विभिन्न विभागों को दी गई राशि समय पर वापस नहीं की, जिससे राज्य के वित्तीय कार्यों में रुकावट आई।
HDFC बैंक को डी-इंपैनल कर दिया गया है- वित्त विभाग
वित्त विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों के सचिवों, निदेशकों, पंचायतों, विकास प्राधिकरणों और बोर्ड-निगमों को पत्र लिखकर सूचित किया है। पत्र में कहा गया कि HDFC बैंक समयबद्ध वित्तीय लेन-देन के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करने में राज्य सरकार का सहयोग नहीं कर रहा। ऐसे में इस बैंक के साथ सरकारी कारोबार करना संभव नहीं है। इसलिए, HDFC बैंक को डी-इंपैनल कर दिया गया है और इसके साथ किसी भी तरह का सरकारी लेन-देन नहीं होगा।
वित्त विभाग ने अन्य बैंकों की एक सूची भी जारी की है, जिनके साथ विभाग लेन-देन कर सकते हैं। इनमें सेंट्रल बैंक, पंजाब ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, फेडरल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं।
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