आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में दवाओं की अपूर्ति के अभाव में आर्थिक मार झेल रहे मरीज

by Nishi_kashyap
एसएन मेडिकल कॉलेज

आगरा, 26 जून 2025: उत्तरप्रदेश के आगरा जिले के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक रुपये के पर्चे पर दवाएँ 550 रुपये से लेकर 600 रुपये से ज्यादा की लिखीं जा रही हैं।

बारिश के मौसम में त्वचा रोग,पेट रोग और कान रोग के मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। एसएन मेडिकल काॅलेज में इन बीमारियों से संबंधित दवाओं की कमी है। डॉक्टरों द्वारा मरीजों को लिखी गई दवाओं में से बहुत कम दवाएं मरीजों को मिल रही है। बाकी दवाएं मरीजों को ज्यादा कीमत पर बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।

एसएन में प्रतिदिन 3 हजार मरीज आ रहे हैं। इनमें कान में दर्द, सूजन, कान में संक्रमण, टायफायड, बारिश पड़ने, उमस से स्कैबीज, खुजली, फंगल इन्फेक्शन, डायरिया समेत अन्य परेशानी बढ़ रही हैं। एसएन में इन रोगों की दवाओं की कमी है। मरीजों का कहना है कि उन्हें दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कंपनियों की ओर से बीते दो सप्ताह में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया की इसी सप्ताह से जरूरी दवाएं उपलब्ध होने लगेंगी।

क्या बोले मरीज ?

623 रुपये की बाहर से खरीदनी पड़ी दवाएँ

पत्नी के त्वचा रोग का एसएन में इलाज चल रहा है। पर्चे पर लिखी कुछ दवाई ही मिल पाती हैं। 623 रुपये की दवाएँ खरीदनी पड़ी हैं। – ब्रजमोहन, जलेसर

महंगी दवाएँ बाहर से खरीदीं

कान और पेट रोग से ग्रसित एसएन में बेटे और खुद को दिखाने आई। सस्ती दवाएँ यहाँ से मिल जाती हैं, महंगी दो दवाएँ बाहर से खरीदनी पड़ी हैं। – राजकुमारी, ईदगाह

स्टॉक में रखनी चाहिए मौसमी बीमारियाें की दवाएँ

स्कैबीज की तीन दवाएँ काउंटर से मिलीं, 550 रुपये की दवाएँ बाहर से खरीदीं। अस्पताल प्रशासन को मौसमी बीमारियों की दवाइयाँ स्टॉक में रखनी चाहिए। – चिरंजीव शर्मा, सेंट जोंस चौराहा

यह भी पढ़े: UP News: बिहार से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस हुई सड़क हादसे का शिकार

You may also like