Hariyali Amavasya 2025 Remedies: हरियाली अमावस्या सनातन धर्म में एक विशेष पर्व है। ये सावन शिवरात्रि के अगले दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। वही साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इस मौके पर दान-पुण्य करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन कुछ खास उपाय करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और कष्टों से छुटकारा मिलता है। खासकर पितृ दोष से मुक्ति के लिए पीपल के पेड़ से जुड़े ये उपाय बेहद प्रभावी हैं
1. पितरों को प्रसन्न करने के लिए: सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ को जल या गंगाजल से अर्घ्य दें और उसकी परिक्रमा करें। इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
2. पितृ दोष निवारण के लिए: संध्या समय में पीपल के नीचे काले तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पितृ चालीसा का पाठ करें। यह उपाय भी पितरों को खुश करता है।
3. पितृ दोष से मुक्ति के लिए: पीपल को जल अर्पित करते समय पितृ दोष निवारण स्तोत्र का पाठ करें। यह पितरों की कृपा पाने में मदद करता है।
4. शिव कृपा के लिए: स्नान के बाद गंगाजल में बेलपत्र और पीपल का पत्ता मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। इससे महादेव की कृपा बरसती है।

ये उपाय न केवल पितृ दोष से मुक्ति दिलाते हैं, बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी लाते हैं।
नोट – इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। द अनम्यूट हिंदी यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।
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