दिल्ली, 18 नवंबर 2025: दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर को हुए कार बम ब्लास्ट की जांच तेज हो गई है। एनआईए ने एक के बाद एक गिरफ्तारियां कीं। सोमवार को उन्होंने एक और अहम आरोपी को दबोचा। जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया। वह हमले के तकनीकी प्लान का कथित मास्टरमाइंड था।
एनआईए की शुरुआती जांच कहती है। काजीगुंड अनंतनाग का रहने वाला जासिर कोई साधारण साजिशकर्ता नहीं। वह हमलावरों का तकनीकी दिमाग था। जासिर ड्रोन को मॉडिफाई करने का एक्सपर्ट था। वह रॉकेट बनाने के एक्सपेरिमेंट भी चला रहा था। जांच में पता चला की हमले से पहले जासिर ने मुख्य आरोपी उमर के साथ लगातार संपर्क रखा। दोनों ने तकनीकी तैयारी की।
श्रीनगर से एक साजिशकर्ता गिरफ्तार
धमाके में इस्तेमाल आई20 कार चलाने वाला कोई प्रोफेशनल टेररिस्ट नहीं था। फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी का असिस्टेंट प्रोफेसर उमर उन नबी था। फोरेंसिक रिपोर्ट ने उसकी पहचान कन्फर्म कर दी। एनआईए ने उमर की दूसरी कार भी जब्त की। यह घटना बताती है कि पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स भी टेरर मॉड्यूल में तकनीक जोड़ने के लिए शामिल हो रहे है।
रविवार को एनआईए ने एक और कश्मीरी आमिर रशीद अली को गिरफ्तार किया। आमिर ने आत्मघाती हमलावर के लिए धमाके वाली कार खरीदने में मदद की। दोनों गिरफ्तारियां साफ संकेत देती हैं। धमाके के पीछे सिर्फ एक-दो लोग नहीं बल्कि एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
एनआईए ने अब तक 73 गवाहों से पूछताछ की। दिल्ली पुलिस, जेकेए, हरियाणा, यूपी पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रही है।
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