चंडीगढ़, 19 जनवरी 2026: आम आदमी पार्टी के श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सदस्य, मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। फर्जी और एडिट की गई वीडियो के जरिए सिखों की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने वाले जिम्मेवार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कंग ने कहा कि पंजाब और दिल्ली दोनों की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज (FSL) की जांच ने यह साबित कर दिया है कि संबंधित वीडियो फर्जी थी। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का झूठा आरोप लगाने के लिए जानबूझकर एडिट किया गया था। साइंटिफिक रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि उन्होंने ऐसा कोई शब्द नहीं कहा था।
कंग ने कहा कि यह फर्जी वीडियो भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा सिख धार्मिक भावनाओं को हथियार बनाकर लोगों में गुस्सा पैदा करने और राजनीतिक लाभ उठाने के इरादे से फैलाया था।
कंग ने कहा कि यह कोई गलती या गलतफहमी नहीं है। यह एक धोखाधड़ी है जो सीधे सिख धर्म और उसके मूल्यों पर हमला करती है। उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए झूठ और हेरफेर के जरिए सिख गुरुओं की पवित्रता का सहारा लेना एक माफ़ न करने लायक नैतिक अपराध है।
आप सांसद ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि ऐसी घटना ऐसे समय में हुई है जब सिख समुदाय गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मना रहा था, जिन्होंने धार्मिक आज़ादी की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे काम नैतिकता के सबसे बड़े उल्लंघन हैं।
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि प्रधानमंत्री का समय पर दखल सिख समुदाय में भरोसा वापस लाने, न्याय दिलाने में मदद करेगा और यह पक्का करेगा कि जिन आदर्शों के लिए सिख गुरुओं ने बड़ी कुर्बानी दी, वे आज के भारत में भी सुरक्षित रहेंगे।
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