महेश बाबू को ईडी का समन, 28 अप्रैल को पेश होने को कहा, जाने क्या है पूरा मामला?

by Manu
महेश बाबू

ED summoned Mahesh Babu: साउथ सिनेमा के मशहूर अभिनेता महेश बाबू को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैदराबाद की रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महेश बाबू को समन जारी किया है। उन्हें 28 अप्रैल को पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा गया है।

इससे पहले, 16 अप्रैल को ईडी ने हैदराबाद के सिकंदराबाद, जुबली हिल्स और बोवेनपल्ली इलाकों में छापेमारी की थी। यह कार्रवाई सुराना ग्रुप और साई सूर्या डेवलपर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई थी। जांच में महेश बाबू का नाम भी सामने आया है।

कहा से शुरू हुआ यह पूरा मामला?

खबरों के अनुसार, सुराना ग्रुप और साई सूर्या डेवलपर्स के खिलाफ तेलंगाना पुलिस ने कई शिकायतें दर्ज की थीं, जिनमें निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप है। इसके आधार पर ईडी ने छापेमारी की और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं की जांच शुरू की। यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही है और इसमें प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा न करने जैसे आरोप शामिल हैं।

साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक कंचरला सतीश चंद्र गुप्ता पर ‘ग्रीन मीडोज’ प्रोजेक्ट में चूक का आरोप है, जिसके ब्रांड एंबेसडर महेश बाबू थे। हालांकि, अभी तक महेश बाबू पर कोई सीधा आरोप नहीं लगा है, और ईडी उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दर्ज कराया धोखाधड़ी का मामला

दरअसल, हैदराबाद के मधुरा नगर पुलिस स्टेशन में एक 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नक्का विष्णु वर्धन ने साई सूर्या डेवलपर्स और इसके मालिक सतीश चंद्र गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की थी। शिकायत के मुताबिक, विष्णु और अन्य निवेशकों ने अप्रैल 2021 में शादनगर में 14 एकड़ के ग्रीन मीडोज प्रोजेक्ट में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया था। लेकिन, कंपनी ने वादे पूरे नहीं किए और निवेशकों को धोखा दिया।

ईडी की जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने अनधिकृत लेआउट में प्लॉट बेचे, एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचा और फर्जी रजिस्ट्रेशन का वादा किया। फिलहाल, जांच जारी है।

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