नई दिल्ली, 08 दिसंबर 2025: संसद के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में शनिवार को बहस हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आज हम ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं जब सदन में इस गीत पर चर्चा हो रही है। पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने नेहरू काल में गीत के साथ हुए ‘अन्याय’ का जिक्र किया। कहा कि इमरजेंसी के दौरान भी ‘वंदे मातरम’ ने तानाशाही को चुनौती दी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में उतरकर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने देश को एकजुट किया। आजादी की लड़ाई में इस गीत ने जान फूंकी। लेकिन सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है। वे सब कुछ अपना बना लेना चाहते हैं। महापुरुषों का श्रेय लेने के बाद अब वे उन पर भी दावा ठोंक रहे हैं। उनकी बातों से लगता है कि ‘वंदे मातरम’ भी इन्हीं का रचा गीत है।
अखिलेश ने तंज कसा कि बीजेपी के पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया। वे गीत को क्यों गाते थे। स्वतंत्रता के बाद भी इसका विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं बल्कि अमल करने के लिए है। जिन्होंने कभी स्वतंत्रता संग्राम में कदम नहीं रखा वे इसका महत्व कैसे समझेंगे। ये लोग राष्ट्रवादी नहीं बल्कि राष्ट्र-विभाजक हैं।
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