न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने भारत के 52वें CJI, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

by Manu
CJI भूषण रामकृष्ण गवई

नई दिल्ली, 14 मई 2025: आज न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने भारत के 52वें प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में पदभार ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें शपथ दिलाई। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। जस्टिस गवई ने निवर्तमान CJI संजीव खन्ना का स्थान लिया, जो 13 मई को सेवानिवृत्त हुए थे।

संजीव खन्ना ने की थी सिफारिश

जस्टिस गवई की नियुक्ति की घोषणा पिछले महीने 30 अप्रैल को कानून मंत्रालय ने की थी। CJI खन्ना ने 16 अप्रैल को उनके नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। परंपरा के अनुसार, निवर्तमान CJI अपने उत्तराधिकारी के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं। वरिष्ठता के क्रम में जस्टिस गवई सबसे आगे थे।

CJI भूषण रामकृष्ण गवई कौन है?

जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय आरएस गवई एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार व केरल के पूर्व राज्यपाल थे। जस्टिस गवई अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले भारत के दूसरे CJI हैं। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन 2007-2010 तक इस पद पर रह चुके हैं।

जस्टिस गवई का कार्यकाल 24 नवंबर 2025 तक रहेगा, जब वे 65 वर्ष की आयु पूरी करेंगे। उनकी नियुक्ति को न्यायिक स्वतंत्रता और सामाजिक समावेशन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

ये भी देखे: CJI संजीव खन्ना का बतौर मुख्य न्यायाधीश आज आखिरी दिन, बोले- ‘रिटायरमेंट के बाद..’

You may also like