महाकुंभ क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग ‘डरेंगे तो मरेंगे’
सनातन सात्विक है पर कायर नहीं
महाकुंभनगर: संगम की रेती सनातनियों को एकजुटता का संदेश सदियों से देती आई है। महाकुंभ, कुंभ व माघ मेला इसके लिए अवसर होते हैं। इस बार मेले की शुरुआत से पहले महाकुंभ क्षेत्र में लगे होर्डिंग बुधवार को चर्चा में आ गए जिन पर लिखा है ‘डरेंगे तो मरेंगे।’ शिविर व्यवस्थित करने में जुटे संतों व श्रद्धालुओं के बीच यह होर्डिंग ध्यान आकर्षित कर रही है। जगदुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य की तरफ से ‘डरेंगे तो मरेंगे’ के नारे लिखे होर्डिंग लगवाई गई है। मेला क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक स्थानों पर ऐसे होर्डिंग हैं। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे का विस्तार ही माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आगरा में यह नारा दिया था। फिर हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में इस नारे ने रंग दिखाया।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य का हना है कि हिंदुओं में स्वार्थी लोगों की भरमार है। ऐसे लोग धर्म से ऊपर
संगम क्षेत्र में जगद्वगरु रामानंदाचार्य के पोस्टर पर लिखा स्लोगन जागरण अपना स्वार्थ देखते हैं। इसी कारण हमारे तमाम मंदिरों को मस्जिद में बदल दिया गया है। मतांतरण करने वालों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2014 में देश में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद हिंदू थोड़ा सा जागा है। प्रधानमंत्री ने सनातन धर्म का वैभव दुनियाभर में बढ़ाया है। उनसे पहले देश के प्रधानमंत्री मंदिरों में नहीं जाते थे। अब जरूरत है हिंदुओं के एकजुट होने की। तभी अधिकार व सम्मान मिल सकेगा। हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरी उम्मीद है कि वह सभी मंदिरों को मुक्त कराएंगे।
महाकुंभ क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग ‘डरेंगे तो मरेंगे’
सनातन सात्विक है पर कायर नहीं
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