हरियाणा,29 मार्च 2025: हरियाणा को अपना राज्य गीत मिल गया। बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को राज्य गीत जय जय जय हरियाणा सर्वसम्मति से पास हो गया है।
सत्र के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आग्रह पर विधानसभा में सभी विधायकों, अधिकारियों व दर्शकों ने खड़े होकर राज्य गीत को सुना। विधायकों ने इस दौरान सुझाव दिया कि इसे स्कूल व कॉलेज में भी लागू किया जाना चाहिए। जिस तरह से राष्ट्रगान को आदर व सम्मान दिया जाता है, उसी तरह इस राज्य गीत के नियम व गाइडलाइंस होने चाहिए।इस पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि नियमों व गाइडलाइंस के लिए विधायकों की कमेटी बनाई जाएगी।
हरियाणा के लोगों को गर्व और गौरव से भर देगा यह गीत
विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह गीत हरियाणा के लोगों को गर्व और गौरव से भर देगा। इस गीत का प्रस्ताव पूर्व सीएम मनोहर लाल लेकर आए थे। उनका मानना था
कि हरियाणा का भी अपना राज्य गीत होना चाहिए। सैनी ने कहा कि हरियाणा 1966 में एक अलग राज्य बना था। मगर 6 दशक बीत जाने पर भी हमारा कोई राज्य गीत नहीं है। राज्य गीत किसी भी प्रदेश के गौरव को प्रकट करता है। यह राज्य गीत हमारे इतिहास और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें हरियाणा की महान संस्कृति की सुगंध है।
ध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने क्या कहा?
राज्य गीत कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने कहा कि गीत बनाने में कई लोगों का योगदान रहा है। गीत के भाव और भाषा को लेकर कई सुझाव आए थे।
यादव ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी इसमें सुझाव दिए थे। गीत के बोल सुंदर गोरी महिलाओं के शब्द पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि फिर काली कहां जाएंगी? उनके सुझाव पर विचार करते हुए इस शब्द की जगह सुंदर स्याणी नारी को शामिल किया गया। इस दौरान कमेटी की सदस्य गीता भुक्कल ने कहा इस गीत को लिखने, गाने और संगीत देने वाले गीतकार व कलाकारों ने कोई भी पैसा नहीं लिया है। जबकि उन्हें सरकार की ओर से ऑफर किया गया था।
डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है गीत
तीन ने जताई थी आपत्ति
पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आणा ।।
गीता ज्ञान धरोहर इसकी, महाभारत इतिहास ।
मौज मनावैं, कातक न्हावैं, पूरी मन की आस ।
सादा जीवन सादा बाणा, दूध दही का खाणा ।
छैल छबीले मर्द निराले, सुंदर स्याणी नार ।
भाईचारा जग से न्यारा, बढ़े प्यार में प्यार ।
बजते डेरू, ढोल, नगाड़े, सांग, रागणी गाणा।
उपजाते हैं फसल सुनहरी, खेतों बीच किसान ।
सीमाओं पर हरदम चौकस यहां के वीर जवान ।
अतिथि देवो भवः यहां सेवा धर्म निभाणा ।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।।