चंडीगढ़, 09 जून 2025: पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर सियासी घमासान के बीच वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की डोप टेस्ट की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। सोमवार को पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीमा ने कहा कि वह वड़िंग की चुनौती स्वीकार करते हैं, लेकिन डोप टेस्ट दोनों साथ में करवाएंगे।
हरपाल सिंह चीमा ने वड़िंग पर साधा निशाना
चीमा ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पंजाब को नशे की दलदल में धकेलना चाहते हैं और नशा तस्करों को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंजाब को नशेड़ी बनाना चाहते हैं और अफीम की खेती को बढ़ावा देना चाहते हैं, जो नशे को प्रोत्साहन देने जैसा है। चीमा ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस पर भी हमला बोला, आरोप लगाया कि अकाली दल ने पंथ के नाम पर और कांग्रेस ने अपने शासनकाल में पंजाब को नशे की ओर धकेला। उन्होंने कहा कि कई अकाली और कांग्रेसी नेताओं को भी डोप टेस्ट करवाना पड़ सकता है।
चीमा ने सुनील जाखड़ को भी घेरा
वड़िंग की चुनौती का जवाब देते हुए चीमा ने कहा, “मैं तैयार हूँ, लेकिन टेस्ट साथ में होगा।” उन्होंने तंज कसते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर भी निशाना साधा और कहा कि जाखड़ शिअद की एकता की बात कर रहे हैं, लगता है वह शिअद का अध्यक्ष बनने की तैयारी में हैं, क्योंकि वह पहले कांग्रेस और अब बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं।
इस दौरान चीमा के साथ कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध भी मौजूद थे। मंत्रियों ने कहा कि पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और नशे को जड़ से खत्म करने की नीति सफल हो रही है। चीमा ने दावा किया कि नशे की सप्लाई चेन लगभग टूट चुकी है और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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