नई दिल्ली, 24 अक्तूबर : पराली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकारें और सभी प्राधिकारी ध्यान दें कि यह मुकदमा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि पर्यावरण से संबंधित कानूनों का सख्ती से अनुपालन किया जाए ताकि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को बरकरार रखा जा सके। बता दें कि पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होने के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र, पंजाब और हरियाणा की सरकारों को निष्िक्रयता के लिए दोषी ठहराते हुए उन्हें स्वच्छ पर्यावरण के नागरिकों के अधिकार की याद दिलाई। जस्टिस एएस ओका के नेतृत्व वाली तीन जजों की पीठ ने कहा, ‘समय आ गया है कि हम केंद्र और राज्य सरकारों को याद दिलाएं कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। यह सिर्फ मौजूदा कानूनों को लागू करने का मामला नहीं, बल्कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का मामला है। पीठ ने कहा, यह केवल आयोग (एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन) के आदेशों को लागू करने और कानून के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करने का सवाल नहीं है, सरकार को इस सवाल का समाधान करना चाहिए।
पराली को लेकर सरकारें ध्यान दें : सुप्रीम कोर्ट
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