नई दिल्ली, 11 अक्तूबर : वैश्विक इस्लामी समूह एचयूटी 1953 में यरुशलम में बना था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि एचयूटी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आईएस जैसे आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने तथा आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने में संलिप्त है। इसलिए सरकार ने इस्लामी समूह हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) को बृहस्पतिवार को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया, क्योंकि इसका उद्देश्य जिहाद और आतंकवादी गतिविधियों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर इस्लामी देश और खिलाफत स्थापित करना है। एचयूटी विभिन्न सोशल मीडिया मंच, सुरक्षित ऐप का उपयोग करके और ‘दावाह’ (निमंत्रण) बैठक करके युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इस समूह को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित करते हुए अधिसूचना में कहा गया है, ‘केंद्र सरकार का मानना है कि हज्ब-उत-तहरीर आतंकवाद में शामिल है और भारत में आतंकवाद के विभिन्न कृत्यों में लिप्त हुआ है। इसलिए अब सरकार के द्वारा इस समूह को प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है।
भारत सरकार ने एचयूटी को किया प्रतिबंधित संगठन घोषित
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