शिमला, 30 सितंबर 2025: साइबर क्रिमिनल्स चालाकी भरे हथकंडे अपना रहे हैं। इससे बचना आम आदमी के लिए मुश्किल होता जा रहा है। दिन में महज 1-2 घंटे काम करके हजारों रुपये कमाने का मीठा सपना दिखाकर वे लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। हकीकत में ये सिर्फ ठगी का धंधा है। साइबर पुलिस के पास रोजाना 3-4 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
साइबर पुलिस की ठगी को लेकर एडवाइजरी
वे पहले SMS, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए लुभावने लिंक भेजते हैं। इनमें पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर होता है। जैसे गूगल पर रिव्यू देना, लिंक फॉरवर्ड करना या छोटे-मोटे वीडियो देखना।
बीच-बीच में बोनस का लालच देकर भरोसा जमाते हैं। ऐप या पोर्टल पर काम की रकम दिखाकर झांसा देते हैं। लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आती है, तो ‘टैक्स’ या ‘फीस’ के नाम पर और पैसे मांगते हैं। न देने पर सारा ‘कमाया’ पैसा गायब हो जाता है। ऊपर से, लिंक के जरिए आपकी निजी डिटेल्स चुरा लेते हैं। फिर ब्लैकमेल या फ्रॉड का नया खेल शुरू हो जाता है।
साइबर पुलिस अब जागरूकता के लिए कमर कस चुकी है। अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो स्कूलों, पंचायतों, ब्लॉकों और सरकारी दफ्तरों में जाकर लोगों को साइबर अपराधों के खतरे बता रही हैं।
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