शिमला,24 march 2025: हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक निजी स्कूल ने सोमवार को अपना फैसला वापस ले लिया है। स्कूल ने पहले छात्रों को ईद-उल-फितर के दिन कुर्ता-पायजामा और छोटी टोपी पहनने और साथ में पनीर, सेवइयां और सूखे मेवे से भरे रोटी रोल लाने को कहा था। लेकिन विवाद के बाद स्कूल को अपना यह फैसला बदलना पड़ा है।
स्कूल को अपना फैसला क्यों बदलना पड़ा:
देव भूमि संघर्ष समिति नाम के एक स्थानीय संगठन ने स्कूल के इस फैसले का विरोध किया और चेतावनी दी कि वे इस पर प्रदर्शन करेंगे। इस वजह से स्कूल ने अपना निर्णय बदल दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बात को लेकर कई लोगों ने चिंता जताई थी।
स्कूल ने कहा कि उनका इरादा सिर्फ छात्रों को भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने में मदद करना था। जैसे होली, दिवाली और क्रिसमस मनाई जाती है। वैसे ही ईद का भी सांस्कृतिक अनुभव देने की कोशिश की गई थी। स्कूल ने यह भी साफ किया कि इसमें कोई धार्मिक दबाव नहीं था और भाग लेना पूरी तरह स्वैच्छिक था।
हालांकि विवाद और संभावित गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए स्कूल ने फैसला लिया कि अब इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया जाएगा। बच्चों को हमेशा की तरह अपनी सामान्य स्कूल यूनिफॉर्म में ही आना होगा और स्कूल ने कहा कि उनके लिए बच्चों की सुरक्षा और भलाई सबसे ज़रूरी है।
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